अल्फा-फेलैंड्रिन(CAS#99-83-2)
जोखिम कोड | आर10 - ज्वलनशील आर22 – निगलने पर हानिकारक आर36/37/38 - आंखों, श्वसन तंत्र और त्वचा में जलन। आर43 - त्वचा के संपर्क से संवेदनशीलता पैदा हो सकती है |
सुरक्षा विवरण | एस16 - ज्वलन के स्रोतों से दूर रखें। एस26 - आंखों के संपर्क में आने पर, तुरंत खूब पानी से धोएं और चिकित्सकीय सलाह लें। एस36/37 - उपयुक्त सुरक्षात्मक कपड़े और दस्ताने पहनें। |
संयुक्त राष्ट्र आईडी | यूएन 2319 3/पीजी 3 |
डब्ल्यूजीके जर्मनी | 3 |
आरटीईसीएस | ओएस8080000 |
एचएस कोड | 3301 90 10 |
संकट वर्ग | 3.2 |
पैकिंग समूह | तृतीय |
विषाक्तता | खरगोश में मौखिक रूप से एलडी50: 5700 मिलीग्राम/किग्रा |
अल्फा-फेलैंड्रिन(कैस#99-83-2)
प्रकृति
सेलेरीन एक कार्बनिक यौगिक है। यह एक अद्वितीय सुगंध वाला रंगहीन से हल्के पीले रंग का तैलीय तरल है। सेलेरीन मुख्य रूप से सब्जियों और फलों, जैसे अजवाइन, अजमोद, स्कैलियन और खट्टे फलों में पाया जाता है। जल अजवाइन के कई महत्वपूर्ण गुण निम्नलिखित हैं:
उच्च अस्थिरता: सेलेरीन में उच्च अस्थिरता होती है और यह तुरंत एक समृद्ध सुगंध उत्सर्जित कर सकता है।
उच्च तापीय स्थिरता: जल अजवाइन उच्च तापमान पर भी सापेक्ष स्थिरता बनाए रख सकती है और आसानी से विघटित नहीं होती है।
ध्रुवीयता: सेलेरीन एक गैर-ध्रुवीय विलायक है जो पानी में लगभग अघुलनशील है, लेकिन अल्कोहल, ईथर आदि जैसे कार्बनिक विलायकों में घुल सकता है।
जैविक गतिविधि: जल अजवाइन में कुछ जैविक गतिविधियाँ होती हैं, जैसे जीवाणुरोधी और विरोधी भड़काऊ प्रभाव।
सुरक्षा जानकारी
सीमित मात्रा में सेवन करने पर जल अजवाइन आमतौर पर सुरक्षित होता है, लेकिन अत्यधिक सेवन से कुछ प्रतिकूल प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं।
शोध के अनुसार, जल अजवाइन का मानव शरीर पर चिड़चिड़ापन प्रभाव हो सकता है, जिससे त्वचा की संवेदनशीलता, आंखों में जलन आदि हो सकती है। कुछ लोगों को कार्वाक्रोल से एलर्जी हो सकती है और त्वचा में खुजली, एरिथेमा आदि जैसी एलर्जी प्रतिक्रियाओं का अनुभव हो सकता है।
पशु प्रायोगिक अध्ययनों के अनुसार, कार्वाक्रोल की उच्च खुराक से लीवर पर कुछ विषैले प्रभाव पड़ सकते हैं। मानव शरीर में इन प्रयोगात्मक परिणामों की प्रयोज्यता पर अभी और शोध की आवश्यकता है।
अनुप्रयोग एवं संश्लेषण विधि
सेलेरीन एक प्राकृतिक कार्बनिक यौगिक है जो आमतौर पर अपियासी परिवार के पौधों में पाया जाता है, जैसे कि गुआंग्डोंग जल अजवाइन और जल अजवाइन।
कार्वाक्रोल को संश्लेषित करने की दो मुख्य विधियाँ हैं: प्राकृतिक निष्कर्षण और सिंथेटिक रासायनिक विधियाँ। प्राकृतिक निष्कर्षण अपियासी परिवार के पौधों से कार्वाक्रोल निकालने और शुद्ध करने की प्रक्रिया है। सिंथेटिक रसायन विज्ञान विधि कार्बनिक सिंथेटिक रासायनिक प्रतिक्रियाओं के माध्यम से कारवासीन को संश्लेषित करना है, जिनमें से सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली विधि ओलेफिन की अंतर-आणविक हैलोजन और निर्जलीकरण प्रतिक्रिया है।
भोजन को एक अनोखी सुगंध और स्वाद देने के लिए इसका उपयोग सॉस, स्टू और सीज़निंग में किया जा सकता है।